

मेष राशि: आपके लग्न से दशम भाव में सूर्य की चाल के साथ, इस प्रभाव से आपके लिए एक वरदान से कम नहीं है। आप जो भी सफलता प्राप्त करना चाहेंगे, वह हो सकता है। जमीन जायदाद से जुड़े मामले हल होंगे। मकान या वाहन की खरीददारी भी अनुकूल रहेगी। किसी भी सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो भी सफलता की संभावना प्रबल रहेगी। शासनसत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे। किए गए कार्यों की सराहना भी होगी।

वृषभ राशि: नवम भाग्य भाव में सूर्य की गति के साथ, इसका प्रभाव अच्छा ही रहेगा। काफी दिनों के प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। जो लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश में लगे थे वही मदद के लिए आगे आएंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत हैं। धार्मिक ट्रस्टों और अनाथालय आदि में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य करेंगे।

मिथुन राशि: अष्टम आयु भाव में सूर्यदेव की गति के साथ, इसका प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित परिणाम दिलाएगा। मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की वृद्धि तो होगी किंतु स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बनेगा। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद है। परिवार में अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। विवादित मामले कोर्ट-कचहरी से बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी।

कर्क राशि: सप्तम दांपत्य भाव में सूर्य की गति के साथ, इसका प्रभाव सामान्य फलकारी होगा। सफलता के बावजूद, परिवार में विवाद और मानसिक अशांति आ सकती है। जीवन संगी से सतर्क रहें और अलगाव की ओर न बढ़ें। विवाह से संबंधित मामलों का समाधान होने में समय लग सकता है। आपके ऊर्जा का उचित उपयोग से अधिक सफलता हासिल होगी। सरकारी विभागों में टेंडर के लिए आवेदन करना खुशी का कारण होगा।

सिंह राशि: षष्ठ शत्रु भाव से सूर्य की गति के साथ, इसका प्रभाव कम से कम एक आशीर्वाद की तरह है। अच्छी सोच बनाकर रची गई रणनीतियां सफल होंगी और यात्रा से लाभ होगा। सरकारी विभागों में आशीर्वाद प्राप्त होगा। न्यायिक मामलों में अनुकूल निर्णय होंगे। रचनात्मक प्रयास सफल रहेगा और छात्रों को यह सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए कि वे परीक्षा में उत्कृष्टता हासिल करें।

कन्या राशि: चतुर्थ सुख भाव से सूर्य की गति के साथ, इसका प्रभाव विभिन्न उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित परिणाम लाएगा। सफलता का सिरीज जारी रहेगा, लेकिन परिवार में विवाद और मानसिक अस्तित्व आ सकता है। परिवारिक विवादों से बचें और महत्वपूर्ण निर्णयों पर समझदारी बनाए रखें। कानूनी मामलों में निर्णय लेने के लिए समय-समय पर निर्णय करना होगा।

तुला राशि: राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव कई तरह के उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित परिणामों का सामना करवाएगा। सफलताओं का सिलसिला तो चलता रहेगा किंतु पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति के कारण उलझन में रहेंगे। मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति हो सकते हैं। कष्टकारक यात्रा भी करनी पड़ सकती है। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें। सामान चोरी होने से बचाएं।

वृश्चिक राशि: राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। अपने साहस और पराक्रम के बल पर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से विजय प्राप्त कर लेंगे। नए लोगों से मेल-जोल बढ़ेगा। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा। नए मेहमान के आगमन से माहौल खुशनुमा रहेगा। धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। घूमने फिरने और धार्मिक कार्यों पर भी अधिक खर्च होगा। परिवार के छोटे सदस्यों से मतभेद बढ़ने न दें।

धनु राशि: धन भाव यानि राशि से द्वितीय भाव में गोचर करते हुए सूर्य देव दाहिनी आंख और हृदय रोग से संबंधित समस्याओं का सामना करवा सकता है। परिवार में अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद हल होंगे। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा वह धन समय पर नहीं मिलेगा। घूमने फिरने पर अधिक खर्च होगा। अपनी रणनीतियां तथा योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे।

मकर राशि: आपकी राशि में सूर्यदेव का आगमन किसी वरदान से कम नहीं है। मान सम्मान तथा पद और गरिमा की वृद्धि होगी। चुनाव संबंधी कोई निर्णय लेना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी सफल रहेंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों के प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। किसी भी तरह के टेंडर आदि के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेंगी। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें, विशेष करके शरीर में कैल्शियम की कमी न होने दे और शारीरिक पीड़ा से सावधान रहें।

कुंभ राशि: व्यय भाव, अर्थात राशि से बारहवें भाव में गोचर करते समय सूर्य का प्रभाव को बहुत अनुकूल नहीं कहा जा सकता। अत्यधिक भाग दौड़ और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है इसलिए खर्च के प्रति चिंतनशील रहें। वैवाहिक वार्ता में थोड़ा और समय लगेगा। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा वह धन समय पर नहीं मिलेगा। उच्चाधिकारियों से संबंध बिगड़ने न दें। किसी दूसरे देश के लिए वीजा आदि का आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से समय सर्वथा अनुकूल रहेगा।

मीन राशि: एकादश यानि लाभ भाव में गोचर करते हुए, सूर्य का प्रभाव शानदार सफलता का कारण रहेगा। संतान संबंधी चिंता दूर होगी। नवदंपति के लिए संतान प्राप्ति के भी योग। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से भी सहयोग मिलेगा। काफी दिनों का प्रतीक्षित कार्य संपन्न होगा। आर्थिक पक्ष और मजबूत होगा। जमीन-जायदाद से संबंधित समस्याओं का भी हल होगा। मकान अथवा वाहन क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी परिस्थितियों आपके पक्ष में होंगी। समाज में मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी।


