Array

कामिका एकादशी 2026: जाने सही तिथि, पारण शुभ मुहूर्त और सम्पूर्ण पूजा विधि

कामिका एकादशी 2026 (Kamika Ekadashi 2026) सावन माह के सबसे पवित्र व्रतों में से एक मानी जाती है। यदि आप भी इस वर्ष कामिका एकादशी 2026 का व्रत रखने जा रहे हैं, तो सही तिथि, पारण का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की सटीक जानकारी होना अनिवार्य है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा करने और इस पावन एकादशी व्रत का पालन करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के समस्त पाप मिट जाते हैं।

‘ब्रह्मवैवर्त पुराण’ में भगवान श्रीकृष्ण ने राजा युधिष्ठिर को बताया है कि कामिका एकादशी की कथा सुनने मात्र से ही साधक को वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है और अंत समय में उसे वैकुण्ठ लोक का स्थान प्राप्त होता है।

कामिका एकादशी 2026 की तिथि एवं पंचांग मुहूर्त

एकादशी व्रत का पूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक फल प्राप्त करने के लिए इसे हमेशा सूर्योदय व्यापिनी उदया तिथि में रखा जाता है। इसके साथ ही द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले पारण (व्रत खोलना) करना अति आवश्यक होता है।

व्रत एवं मुहूर्त विवरणतिथिशुभ समय (IST)
कामिका एकादशी 2026 मुख्य व्रत तिथिरविवार, 9 अगस्त 2026सूर्योदय से पूरे दिन
एकादशी तिथि प्रारम्भशनिवार, 8 अगस्त 2026दोपहर 01:59 बजे से
एकादशी तिथि समाप्तरविवार, 9 अगस्त 2026सुबह 11:04 बजे तक
व्रत पारण (Fast Breaking) मुहूर्तसोमवार, 10 अगस्त 2026सुबह 05:47 से सुबह 08:01 तक

विशेष नोट: रविवार, 9 अगस्त 2026 को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि उपस्थित रहने के कारण कामिका एकादशी 2026 का व्रत 9 अगस्त को ही रखा जाएगा।

कामिका एकादशी का ज्योतिषीय एवं धार्मिक महत्त्व

  1. पापों का नाश और अक्षय पुण्य: कामिका एकादशी का व्रत सच्चे मन से करने पर अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत आराधना करने से साधक की कुण्डली में बृहस्पति (गुरु) और सूर्य ग्रह के शुभ प्रभाव मजबूत होते हैं।
  2. तुलसी पूजन का अद्भुत फल: कामिका एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु को मंजरी सहित तुलसी पत्र अर्पित करने का विशेष विधान है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान को एक तुलसी दल चढ़ाने का फल कई किलो स्वर्ण दान करने के समान माना गया है।
  3. पितृ दोष से राहत: इस दिन किए गए स्नान, दान-पुण्य और विष्णु सहस्रनाम पाठ से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, जिससे कुण्डली में मौजूद पितृ दोष का प्रभाव शांत होता है।

कामिका एकादशी 2026 की सम्पूर्ण पूजा विधि (Step-by-Step)

यदि आप कामिका एकादशी 2026 पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो इस पूजा विधि का पालन करें:

  1. प्रातः स्नान एवं संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 04:30 बजे) में उठकर किसी पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। साफ पीले या सफेद वस्त्र पहनें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  2. पूजा स्थल की स्थापना: घर के ईशान कोण (मंदिर) को साफ करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु या श्री कृष्ण की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
  3. पूजन सामग्री अर्पण:
    • शुद्ध देसी घी का दीपक और धूपबत्ती प्रज्वलित करें।
    • पीले फूल, गोपी चंदन, अक्षत, ऋतु फल और पंचामृत अर्पित करें।
    • तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं (ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी पत्र नहीं तोड़े जाते, इसलिए शनिवार को ही तोड़कर रख लें)।
  4. मंत्र जप एवं कथा पाठ:
    • कामिका एकादशी की प्रामाणिक व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ विष्णवे नमः मंत्र की 108 बार माला जपें।
  5. आरती व दान: पूजा के अंत में कपूर से आरती करें और जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र का दान दें।

कामिका एकादशी व्रत के नियम और खान-पान (Fasting Rules)

  • क्या न खाएं (वर्जित भोजन): एकादशी के दिन चावल, गेहूं, जौ, दालें, लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का पूर्ण रूप से त्याग करें। दशमी की रात्रि से ही सात्विक जीवनचर्या अपनाएं।
  • फलाहार नियम: यदि आप निर्जला व्रत नहीं रख सकते, तो दिन में एक बार फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना और सेंधा नमक से बनी चीजों का सेवन कर सकते हैं।
  • व्रत पारण का सही तरीका: सोमवार, 10 अगस्त को सुबह 05:47 से 08:01 के मध्य स्नान-ध्यान के बाद ब्राह्मण को दान देकर ही जल/सात्विक भोजन ग्रहण कर अपना व्रत खोलें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सूर्य का मेष राशि में गोचर 2026: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आप भी हैं इसमें शामिल ?

ज्योतिष शास्त्र में 'ग्रहों के राजा', 'आत्मा के कारक'...